विद्यापति.

मिथिला · पद · स्मृति

विद्यापति को
पढ़ने की एक जगह।

पदावली, जीवन, रचनाएँ और संदर्भ — एक शांत, सरल डिजिटल संग्रह जहाँ शब्द सबसे आगे हैं।

पदावली

कुछ पद, एक लंबी परंपरा

पद ०१

जनम अवधि हम रूप निहारल

मूल पाठ का नमूना यहाँ आएगा। प्रमाणित संस्करण के अनुसार पूरा पाठ जोड़ा जा सकता है।

पद पढ़ें →

पद ०२

सखि हे, हमर दुखक नहि ओर

यहाँ मूल पाठ, अनुवाद और पाठ-स्रोत को अलग-अलग दिखाया जाएगा।

पद पढ़ें →

पद ०३

कखन हरब दुख मोर

विषय, भाषा और संदर्भ के साथ पढ़ने के लिए बनाया गया विस्तृत पृष्ठ।

पद पढ़ें →

विद्यापति

कवि से आगे — एक सांस्कृतिक स्मृति

विद्यापति मध्यकालीन मिथिला की साहित्यिक परंपरा के प्रमुख नामों में हैं। इस हिस्से में जीवन, समय, भाषा, आश्रय-परंपरा और उनकी रचनाओं के बारे में स्रोत-आधारित सामग्री व्यवस्थित की जाएगी।

स्रोतों की भूमिका देखें →
समयरेखा
मिथिला

क्षेत्र और सांस्कृतिक संदर्भ

पदावली

भक्ति और श्रृंगार की काव्य परंपरा

आज

पाठ, गायन और अध्ययन में निरंतर उपस्थिति

रचनाएँ और संग्रह

साहित्य को विषयों में नहीं, संदर्भों में समझें

पदावली

मूल पाठ और पाठांतर

भाषा

मैथिली और उसके पाठ-संदर्भ

गायन

ऑडियो संग्रह के लिए स्थान

अध्ययन

शोध और संदर्भ सामग्री